गोएयर के विमान का इंजन-2 खराब था, पायलटों ने इंजन-1 बंद कर दिया; 156 यात्री सवार थे

गोएयर की दिल्ली से मुंबई जा रही फ्लाइट के पायलटों ने उड़ान के दौरान खराब इंजन की जगह सही इंजन बंद कर दिया। इंजन टेकऑफ के दौरान पक्षी टकराने से खराब हुआ था। हालांकि, गलती का अहसास होने पर पायलट एक इंजन के सहारे विमान को वापस दिल्ली एयरपोर्ट पर ले आए। इस विमान में 156 यात्री सवार थे। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) की रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है।

21 जून 2017 को हुई थी घटना
5 नवंबर 2018 को सामने आई डीजीसीए की रिपोर्ट में कहा गया- 21 जून 2017 को सुबह 5:58 बजे गोएयर की ए320 फ्लाइट में यह घटना हुई। जांच में पता चला कि टेकऑफ के दौरान फ्लाइट के इंजन-2 से पक्षी टकराया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, टेकऑफ के दौरान अस्वाभाविक आवाज आने के बावजूद इन-चार्ज पायलट ने उड़ान जारी रखने का फैसला किया, क्योंकि वह विमान के हवा में पहुंचने के बाद इस खामी का पता करना चाहता था।

"टेकऑफ के बाद भी हालात का गलत आकलन किया गया और इंजन-2 जो कि खराब था, उसकी जगह इंजन-1 को बंद करने का फैसला लिया गया। विमान खराब इंजन के सहारे ही 3 मिनट तक उड़ान भरता रहा।"

"3330 फीट पर पहुंचने के बाद विमान ने ऊंचाई पर जाना बंद कर दिया। इसके बाद पायलटों को अहसास हुआ कि उन्होंने गलत इंजन को बंद कर दिया है। इसके बाद उन्होंने इंजन-1 को शुरू करने की कोशिश की, लेकिन पहली बार में ऐसा नहीं हो पाया।"

"दूसरी कोशिश में इंजन-1 स्टार्ट हो पाया। एक इंजन के सहारे पायलटों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान को लैंड किया। इस दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। विमान की जांच करने पर इंजन नंबर-2 पर खून के धब्बे मिले। इंजन के पंखे के दो ब्लेड पक्षी के टकराने से खराब हो गए थे।"

रिपोर्ट में कहा गया कि इंजन की गलत पहचान, हालात का सही आकलन ना कर पाना, कॉकपिट के स्रोतों का सही इस्तेमाल ना कर पाना और इमरजेंसी के हालात में एयरक्राफ्ट की गलत हैंडलिंग के चलते यह घटना हुई। दोनों पायलटों के खिलाफ उचित कार्रवाई करनी चाहिए।

शहीद औरंगजेब की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन जवानों से पूछताछ कर रही है। आर्मी सूत्रों के मुताबिक, इन तीनों पर संदेह है कि इन्होंने औरंगजेब के बारे में जानकारी शेयर की। 44 राष्ट्रीय राइफल में तैनात औरंगजेब की आतंकियों ने पिछले साल जून में अगवा कर हत्या कर दी थी। उनका गोलियों से छलनी शव पुलवामा में मिला था।

आर्मी के मुताबिक, तीनों जवानों से पूछताछ की जा रही है। शक है कि इन तीनों ने जानबूझ कर या अंजाने में शहीद औरंगजेब के बारे में जानकारी शेयर की थी। सूत्रों ने साफ कर दिया है कि अभी जवानों से सिर्फ पूछताछ चल रही है, इनमें से न किसी को हिरासत में लिया गया, न किसी को गिरफ्तार किया गया। शहीद औरंगजेब की हत्या के मामले में पुलिस जांच कर रही है। सेना इस मामले में पुलिस का हर तरह से सहयोग कर रही है।

ईद पर छुट्टी मनाने घर जा रहे थे औरंगजेब
आतंकियों ने 14 जून को सेना के जवान औरंगजेब को कलमपोरा से अगवा किया गया था। वे अपने गांव ईद मनाने के लिए जा रहे थे। औरंगजेब की हत्या करने के पहले आतंकवादियों ने उनका एक वीडियो भी बनाया था। औरंगजेब 44 राष्ट्रीय राइफल के साथ शोपियां के शादीमर्ग में तैनात थे। औरंगजेब के पिता हनीफ सेना से रिटायर्ड हैं। औरंगजेब का एक भाई भी सेना में है। 2014 में आतंकियों ने औरंगजेब के चाचा को अगवा कर उनकी हत्या कर दी थी।

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